एक पहल: उच्च श्रेणी नौकरी पेशा शिक्षक बन रहे है देश निर्माण के लिए

 – 1,27,42,39712 ये अंक देश की जनसंख्या को प्रदर्शित करता  है 

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 – 23,17,51123 ये अंक भारत के विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चों की संख्या है  

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 – 13,08,25056 इतने छात्र 9वी क्लास से पहले अपनी पढ़ाई छोड़ देते है  

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–  एक बड़ी जनसँख्या वाला देश भारत, हमारा भारत कही पिछड़ता नज़र आता है, मुख्य कारणों में से एक है शिक्षा

Bodh-Gaya, November 14, 2013

– 4,00,000 विद्यालयों के बावजूद, गुणवत्ता के आभाव में विकाश खत्म सा नज़र आता है 

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– आशा की किरण: देश में २२ करोड़ से भी ज्यादा लोग इंटरनेट चलते है

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कारण क्या है

– देश के सबसे उच्च श्रेणी के शिक्षित, स्कूली शिक्षा में टीचर नहीं बनते है

– शिक्षा देने वाले स्कूलों की गुणवत्ता पर सवाल है और साथ ही पेरेंट्स का शिक्षा के प्रति रुझान भी खुल कर नहीं दीखता

– सरकारी नीतिया बनायीं जाती है पर जानकारी को लोगो तक पहुचने के प्रक्रिया में भी दोष है

– शिक्षा को आस पास से जोड़ कर पढ़ाने की रणनीति (contextulization of Education)

ये मुख्यतया ४ कारण दीखते है जिनके वजह से बच्चों का रुझान शिक्षा के तरफ कम होता है और साथ ही साथ वो स्कूल जाना छोड़ देते है।

आप और हम भाग्यशाली है 

ये पोस्ट पढ़ रहे हर इंसान भाग्यशाली है जिन्हे पढ़ना आता है, जिन्हे इंटरनेट इस्तेमाल करना आता है। मगर देश में कई ऐसे लोग है जो दुर्भाग्यवस इन लोगो की श्रेणी में नहीं आते। ऊपर लिखे हर संख्या को देख हम जैसे लोगो के जेहन में सवाल उठता है की कैसे ठीक होगा ये सब कुछ ?
और इसी सवाल से शुरुवात करी थी 10 लोगो ने जिन्होंने खूब घुमा भारत और बातें की ३०००० से भी ज्यादा लोगो से। कुछ साल भर चले इस रिसर्च में IIT, IIM के छात्र-छात्राएं और शिक्षक मिल कर एक नयी तकनीक का खोज़ करे, जिसे नाम दिया गया ‘Eckovation’

नयी शुरुवात: शिक्षा सभी के लिए

जो भी जहा भी इस पोस्ट को पढ़ रहा है वो इतना सक्षम जरूर होगा की मोबाइल फ़ोन पर फेसबुक, व्हाट्सप्प और ट्विटर से १ घंटा निकल कर भारत बनाने में लगा सकता हो। अगर आप इसके लिए तैयार है फिर तो भारत को बनाना सिर्फ सपना नहीं हकीकत है। जानते है कैसे, वो ऐसे की अब सोशल लर्निंग मोबाइल पर बखूबी संभव है जहा टीचर बन कर हर पढ़ा लिखा इंसान अपने आस पास के बच्चों को पढ़ा सकता है। तो आपको भारत निर्माण करने में थोड़ा मेहनत तो करना होगा पर यकीन मानिये हर दिन जब आप ऐसा करेंगे, एक नए भारत को जन्म देंगे।

१. सबसे पहले आप खुद से सवाल करे, क्या आप सोशल एप्प से सोशल लर्निंग अप्प पर पढ़ा सकते है उन बच्चों को जो भारत उज्जवल बनायेगे

२. अगर हाँ, तो आपको करना है Eckovation App डाउनलोड और बन जाना है टीचर। टीचर बन कर अपने क्लास (ग्रुप) को वह बनाये और ये ग्रुप को बनाते ही मिलेगा आपको एक कोड।

३. ग्रुप कोड को उन बच्चों को दे जिनको आप पढ़ना चाहते है। बच्चों के घर में माता-पिता भाई पडोसी कोई भी हो उसके मोबाइल पे बच्चा आपका classroom ज्वाइन कर सकता है।

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४. बच्चों ज्वाइन करने के बाद आप का classroom तैयार है और आप भारत निर्माण के लिए तैयार है

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५. जो आज तक भारत में सही ढंग से नहीं हो पाया, आप उसको अंजाम दे रहे है। आप भारत की नींव तैयार कर रहे है, आप भारत को शिक्षित बना रहे है। गणतंत्रता दिवस पर ये भेट देश को बहुत रास आएगा।

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ऐसा मैंने खुद करना शुरू किया है और मेरे साथ मेरे दोस्त भी जो सब इंजीनियर है उसके साथ साथ टीचर भी बन गए है Eckovation अप्प पर । ये सब अब Eckovation पर भारत के हर कोने में रह रहे छात्र छात्रों को पढ़ते है। हमारा Classroom का कोड हम आपको उदहारण के तोर पर शेयर कर रहे है इस उम्मीद से की मेरे जैसे आप भी काम से काम 100 बच्चों को शिक्षित बनाने में देश की मदद करेंगे।

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 क्युकी पढ़ेगा देश तभी तो बढ़ेगा भारत 

Ritesh Singh
Love Education, Art and Technology. Apart from handling marketing and strategy in Eckovation, he loves watching theater especially performed in NSD.

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